(किसी भी लड़की के दिल तक पहुँचने का एक बहुत ही सादा लेकिन बेहद असरदार तरीका है—अपने आपको उसकी ज़िंदगी में धीरे-धीरे शामिल करना।)

यह शामिल होना ऐसा होना चाहिए कि न उसे बोझ लगे और न ही आपकी दूरी खले। जब आप बिना शोर किए, बिना ज़बरदस्ती किए, बस एक सहज, स्थिर-सी मौजूदगी बन जाते हैं, तो वह महसूस करने लगती है कि आप उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन गए हैं। लड़की के लिए यह एहसास बहुत अनोखा होता है—एक ऐसा इंसान जो ना ज़्यादा चिपकता है, ना पूरी तरह ग़ायब होता है, बल्कि सही समय पर, सही तरह से मौजूद रहता है।
उसकी ज़िंदगी की लय को समझिए
हर व्यक्ति की अपनी गति होती है—कभी वह दिन भर बात कर सकती है, कभी घंटों चुप रहना चाहती है। अगर आप उसकी इस लय को समझ लेते हैं, तो आपके बीच एक अनकहा तालमेल बनने लगता है। यह समझ उसे आराम देती है, क्योंकि उसे ये महसूस होता है कि आप उसके समय, काम और मूड को समझते हैं। और जब एक लड़की आपके साथ अपने असली रूटीन में सहज महसूस करने लगे, तो वह खुद-ब-खुद आपकी मौजूदगी को मिस करने लगती है।
न लगातार मैसेज कीजिए, न अचानक ग़ायब होइए
अगर आप बहुत ज़्यादा मैसेज करेंगे, तो उसे लगेगा कि आप मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं। और अगर आप अचानक ग़ायब हो जाएँ, तो उसे लगेगा कि आप गंभीर नहीं हैं। सबसे असरदार तरीका है—हल्की, आसान और नियमित बातचीत। जैसे दिन की शुरुआत में एक सादा-सा “सुप्रभात” या शाम को “आज दिन कैसा रहा?” ऐसे मैसेज उसे महसूस कराते हैं कि आप फिक्र करते हैं, लेकिन उसे बाँधने की कोशिश नहीं कर रहे।
बातें कम, पर मतलब वाली कीजिए
कभी-कभी दो-तीन संदेश भी इतना असर छोड़ जाते हैं कि लड़की का दिन बदल जाता है। अगर आप उसकी किसी पुरानी बात को याद रखकर बात करते हैं, या किसी चलती हुई परेशानी के बारे में पूछते हैं, तो उसे एहसास होता है कि आपकी मौजूदगी सिर्फ़ औपचारिक नहीं है। वह समझती है कि आप बातें निभाते हैं, सिर्फ़ बोलते नहीं।
उसे आरामदायक माहौल दीजिए
जब आपकी मौजूदगी उसे सहज महसूस करवाती है—जब वह बिना डर, बिना हिचक और बिना सोच-विचार के आपसे बात कर सकती है—तो वह आपको अपनी “comfort zone” में रखने लगती है। और जब आप किसी केcomfort zone बन जाते हैं, तो आपकी आदत लगना बहुत स्वाभाविक है। लड़की ज़्यादातर उसी के पास वापस आती है जहाँ उसे शांति और अपनापन महसूस होता है।
दिन में छोटी-सी कमी से भी आपकी याद आए, यही मक़सद है
धीरे-धीरे, आपकी यह स्थिर मौजूदगी उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाती है। जब आप एक दिन थोड़ा कम बोलते हैं, तो उसे अजीब लगता है। जब आप जवाब देर से देते हैं, तो उसे आपकी आदत का एहसास होता है। यही वह बिंदु होता है जहाँ आपकी जगह उसके दिल में पक्की होने लगती है—बिना किसी ड्रामा के, बिना किसी दिखावे के।
धीमी, स्थिर और ईमानदार मौजूदगी वह चीज़ है जो किसी लड़की के दिल में सबसे गहरी छाप छोड़ती है। वह आपको इसलिए नहीं चाहती कि आप ज़ोर डालते हैं, बल्कि इसलिए कि आपकी कमी महसूस होने लगती है। यही सबसे सुंदर तरीका है उसकी ज़िंदगी में अपनी जगह बनाने का।